Yug Purush

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8TH SEMESTER ! भाग-30 ( आकर्षण & प्रतिकर्षण )

"ओह अरमान....कम इन, कम इन....मैं तो तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही थी...."

"साली कितनी जल्दी रूप  बदलती है, नागिन  कही की...."

.......................

अंदर घुसते हुए मैने उस दिन की तरह आज भी ये देखा कि कोई वहाँ है या नही और उस दिन की तरह आज भी वहाँ  सिवाय कम्प्यूटर्स के हमें डिस्टर्ब करने वाला कोई नही था....दीपिका मैम  चेयर पर बैठी नेल कटर से अपने नखुनो को घिस -घिस कर  उनका साइज़ बराबर कर रही थी.....

"आपने  बुलाया था मैम ."

"उस दिन कैसा लगा था..."

"एकदम बेकार.....बिल्कुल भी मज़ा नही आया..."मैने जानबूझ कर ऐसा कहा,


मैं देखना चाहता था कि उसका रियेक्शन क्या होता है, और जैसा मैने सोचा था था दीपिका मैम  का रियेक्शन बद से बदतर होता जा रहा था...आज तक मैने सिर्फ़ सुना था कि लड़कियो को अपनी बुराई बिल्कुल भी पसंद नही होती पर  आज देख भी रहा था और तो और दीपिका मैम  का गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि वो लगभग चिल्लाती हुए मुझे असाइनमेंट कंप्लीट ना करने की पनिशमेंट देते हुए मेरा असाइनमेंट तुरंत डबल कर दिया......

"नॉर्मली एक हफ्ते मे दो असाइनमेंट मतलब कि एक महीने के 8 और इस हिसाब से 6 महीने के 8 x 6=48 हुए, और ये अब डबल कर रही है मतलब कि 96... इसकी माँ की किरकिरी....  फिर 4 और दे दे...... सेंचुरी मार लूँगा "दीपिका मैम  की तरफ देखते हुए मैने मन ही मन  उसके पुरे खानदान को गाली दी  और  फिर बोला

"मैम , मैं तो मज़ाक कर रहा था, आक्च्युयली उस दिन बहुत ज़्यादा मज़ा आया , उस दिन जैसी बेटर फीलिंग्स मुझे कभी नही हुई....आप मुझे कभी भी ,किसी भी समय बुला लो, मैं आ जाउन्गा....मैं तो बस मज़ाक कर रहा था...हेहेहेहे "कुछ देर पहले रंग बदलने वाली नागिन मैने दीपिका मैम  को कहा था, लेकिन अब रंग मैं भी बदल रहा था.....


"मैं भी मज़ाक ही कर रही थी...."नागिन की तरह उसने एक बार फिर रंग रूप बदला और अपने नखुनो पर फूक मार कर नेल कटर को अपने पर्स मे रखकर लिपस्टिक निकाल कर बोली"खड़े क्यूँ हो ,बैठ जाओ...."

अपने होंठो पर लिपस्टिक लगाते हुए वो बीच बीच मे अक्सर मुझे देखती और फिर से लिपस्टिक लगाने लग जाती ....मुझे नही पता था कि मैं इतना शरीफ था या शरीफ  बनने का नाटक कर रहा था,पर मैं जो भी था बहुत अजीब ही था,क्यूंकी यदि मेरी जगह वहाँ कोई और होता, तो वो मेरी तरह दीपिका मैम  के सामने वाली चेयर पर शांत नही बैठा रहता, यदि मेरी जगह कोई और होता...... यदि अरुण ही होता तो मैं पक्का यकीन के साथ कह सकता हूँ वो दीपिका मैम  पर झपट्टा मार कर उन्हे उनका काम तमाम कर देता, लेकिन मैने ऐसा कुछ भी नही किया, मैं शांत, चुप चाप वही दीपिका मैम  के सामने बैठा रहा.......


"तुम असाइनमेंट कंप्लीट क्यूँ नही करते, पढ़ते नही हो क्या हॉस्टल  मे..."

"नो मैम , ऐसी बात नही है..."मेरी नज़र अब भी उनके होंठो पर थी ,जो लिपस्टिक लगाने के कारण और ज्यादा गुलाबी थहो गए थे "वो आक्च्युयली आज कल टाइम की थोड़ी किल्लत है...."

"लड़ाई झगड़े के लिए टाइम मिल जाता है , स्टडी के लिए नही....ऐसा क्यूँ ? "

मैं थोड़ा सकपका गया, जब उसने ऐसा कहा तो

"आपको कैसे पता... मेरे लड़ाई -झगडे के बारे मे...?"

"कॉलेज का स्टूडेंट क्या करता है ,क्या नही करता... उसकी हर एक एक्टिविटी... कॉलेज स्टाफ को मालूम रहता है ,लेकिन हम कुछ नही बोलते...."लिपस्टिक लगाने के बाद दीपिका मैम  ने अपने दोनो होंठो को जोड़ कर एक दूसरे मे दबाने लगी

"मतलब कि सबको पता है कि मैने उस साले वरुण को"

"Yes.. And behave like a student infront of me.. Never ever use words like.. Abey, saale etc.. Ok.."

"सॉरी मैम ..."

"So, what's your next plan...."

"किस बारे मे..."मैने सोचा कि वो अब उस दिन की तरह अश्लील बाते करेगी

"वरुण और उसके दोस्त तुम्हे ऐसे नही छोड़ेंगे...."

"फिर से पेलुँगा सालो को,..."मैं जोश मे आते हुए बोला...

"मैने बोला ना, dont use these words infront of me.....और ये क्या है पेलुँगा..????."

"सॉरी मैम ...."

"विभा के साथ bhi तुमने मिस्बेहेव किया....?"

"ओई तेरी.... इसको तो सच मे  सब पता है😳 "मैं चुप ही रहा....

"शी ईज़ माइ फ्रेंड और उसी ने बताया मुझे...."

"सब कुछ बता दिया ?"

"हां...."अपना मेकप बंद करके उसने अब पहली बार मुझे अच्छे से देखा,उसके पर्फ्यूम की खुश्बू बड़ी जबर्दश्त थी और ना चाहते हुए भी मैने दीपिका मैम  की तरफ अपना चेहरा किया.....

"आज रात क्या कर रहे हो...."

"कुछ नही..."मैं ये बोलना चाहता था


लेकिन मै कुछ बोलता, कुछ कहता उसके पहले बी दीपिका मैम अपनी जगह से उठी... मेरी ही चेयर पर मेरी तरफ अपना चेहरा  करके मेरे गोद मे बैठ गयी  और वो पहला मौका था जब उनका शरीर मेरी जाँघो पर महसूस हुआ....उस वक़्त मुझे ना चाहते हुए भी बहुत अच्छा लगा, बहुत ही अच्छा महसूस हुआ... मतलब इतना अच्छा की बयां नही कर सकता....

मेरी जाँघो पर दबते उसके शरीर मुझे कुछ अलग ही अहसास करा रहे थे, जो मैने पहले कभी नही किया था...  उसी वक़्त मेरे दिमाग़ मे ठरक भर गयी और मैं दीपिका मैम  से बोला कि मैं उन्हें बिना कपड़ो के देखना चाहता हूँ, जिसके जवाब मे वो सिर्फ़ मुस्कुरा दी, अब मुझे उसकी मुस्कान ,उसकी सूरत, उसके गुलाबी रसभरे होंठ अच्छे लगने लगे थे....अब मैं भी अरुण की तरह दीपिका मैम का स्वाद चखना चाह रहा था ....

"एक चुम्मी  ले लूँ क्या.. भड़केगी तो नही ये....?."उसके कमर को अपने दोनो हाथो से पकड़ते हुए मैने सोचा...


और दीपिका मैम  जो कि मेरे उपर सवार थी उन्हे अपने करीब खींच कर लाया.....उस वक़्त ऐसा मैने इसलिए किया था क्यूंकी मैने फ़िल्मो मे ऐसे ही देखा था....लेकिन दीपिका मैम  को रियल एक्सपीरियेन्स था,  वो भी बहुत ज्यादा... वो हसीन होने के साथ साथ किसी कातिल हसीना की तरह बहुत चालाक भी थी, उन्हे सब मालूम था कि कब ,क्या और कहाँ करना है और शायद यही वजह है कि वो आज तक इस कॉलेज मे थी,वरना ऐसी स्लट टीचर ,जो हर हफ्ते नये लड़को की  तलाश मे रहती है, ऐसे स्टाफ को कॉलेज मैनेजमेंट जलील करके बाहर निकाल देता....

मेरी जानकारी के मुताबिक कॉलेज मैनेजमेंट  के कई हाइ पोस्ट वालो आदमियो से भी दीपिका मैम  के सम्बन्ध थे .....दीपिका मैम  के पूरे जिस्म मे हवस भरी थी, जो उस वक़्त मैं महसूस कर रहा था, वो मेरे उपर बैठी हुई मेरे सर को बहुत तेज़ी से सहलाते हुए मेरा हेरस्टाइल बिगाड़ रही थी....वो तो अपने काम मे लगी हुई थी,लेकिन मैं क्या करूँ ये मुझे नही सूझ रहा था....कभी मैं सोचता कि उस दिन की तरह आज भी इसके होंठो पर उंगलिया फिराऊ ... लेकिन फिर सोचता कि उसमे क्या रखा है.. सीधे पॉइंट पर आता हूँ. पर फिर सोचा कि पहले एक किस ले ली जाए, उस वक़्त मैं इसी उलझन मे था कि शुरू कहाँ से करूँ....वो तो मेरे ऊपर सवार होकर मेरे सर पे अपना हाथ फिरा रही थी और मैं किसी बच्चे की तरह उसे ऐसा करते हुए देख रहा था.........


"मैम ...."बड़ी हिम्मत जुटानी पड़ी उसे रोकने के लिए, इस वक़्त मैने उनकी कमर को कसकर पकड़ रक्खा था और उनकी तरफ देख रहा था....

"क्या हुआ..."

"चुम्मि लेनी है...वो  मेरा मतलब एक किस...."

"किधर गाल पर या..."अपने होंठ पर उंगली रखते हुए वो बोली "या फिर यहाँ....या फिररर  "

दीपिका मैम  के होंठ को देखकर मैने अपने होंठो  पर जीभ फिराई ,

"लिपस्टिक का रंग तुम्हारे होंठो मे लग जाएगा....सोच लो"

"मतलब कि...."

"मतलब की यहाँ से बाहर जाने पर  बेज़्जती.... जब सब देखेंगे की तुम लिपस्टिक लगा कर कॉलेज आए हो तो.."मुझे बीच मे रोक कर वो बोली...और मुझे ऐसे  उदास देख उसने मेरा हाथ पकड़ा और सहलाते हुए बोली " तुम उदास बहुत जल्दी हो जाते हो, जब चीजे तुम्हारे मन मुताबिक नही होती तो....."


मेरे गाल को सहलाते हुए एक हल्का सा थप्पड़ उन्होंने मेरे गाल पर मारा... मैने भी वैसा ही किया, मैने भी उनके गालो को सहलाते हुए धीरे से एक थप्पड़ उनके गाल पर मारा..... मेरी इस हरकत पर वो मुस्कुरा उठी और मेरे गालो को अपने दोनो हाथो से नोचते हुए बोली कि मैं कितना स्वीट हूँ......

"सच मे... मैम .."मैं पता नही क्यूँ बहुत खुश हो गया था, उस वक़्त....

"तो अब क्या विचार है..." वो  मेरे उपर शांत बैठी हुई मुझे निहार रही थी....

"म...मैं अब...."

"कच्ची कली है तू.. अरमान......"

बोलते हुए उसने मेरी आँखों मे झांका और  फिर  हम दोनो के होंठ एक दूसरे के करीब आते गये, मैने अंदर ही अंदर एमरान हाशमी की फ़िल्मो के सीन याद किया और झपट्टा मार कर दीपिका मैम  के होंठो को अपने होंठो से जकड़ लिया, लेकिन मैं सफल नही हो पाया क्यूंकी दीपिका मैम  ने  तुरंत मुझे दूर कर दिया  और गुस्से से मुझे देखती हुए अपने होंठो पर हाथ फिराने लगी....

"दिमाग़ सही है क्या..."

"क्या हुआ..."

"दाँत गढ़ा दिया,..."

"सॉरी ,वो फर्स्ट टाइम हैं तो थोड़ा...."

"अबे उल्लू, किस ऐसे नही ऐसे किया जाता है... मै सिखाती हूँ, तुम्हे ."

दीपिका मैम  ने पहले मेरे होंठो को आहिस्ते से  चूमा और फिर धीरे से अपने होंठो से मेरे होंठो पर दबाव डालने लगी.... इसके बाद वो पुरे गति मे मेरे होंठो को अपने होंठो मे जकड ली...

"आअहह......"जब दीपिका मैम बहुत देर बाद मेरे होंठो को आजाद किया  तो मैं हाँफ रहा था

"Not bad.. Arman.."मेरे उपर से उठते हुए वो बोली....

"टाइम कितना हुआ..."अपने होंठो पर हाथ फिराकर लिपस्टिक साफ करते हुए मैने दीपिका मैम  से पुछा....

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8 Comments

Barsha🖤👑

26-Nov-2021 05:34 PM

कालेज की सच्चाई बताया गया..😢

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Kaushalya Rani

25-Nov-2021 09:21 PM

Wow great..written

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Miss Lipsa

30-Aug-2021 08:41 AM

Areee waaahhhhh

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